इटावा हिंदी निधि न्यास की ओर से आठ नवंबर को सोलहवें वार्षिक समारोह में मशहूर साहित्यकार रवींद्र कालिया और ममता कालिया को जनवाणी सम्मान दिया जाएगा। न्यास इस समारोह में रंगकर्मी एमके रैना (श्रीनगर), आईएएस अधिकारी मुकेश मेश्राम (लखनऊ), जुगल किशोर जैथलिया (कोलकाता), डॉ. सुनीता जैन (दिल्ली), विनोद कुमार मिश्र (साहिबाबाद), शैलेंद्र दीक्षित (इटावा), डॉ. पदम सिंह यादव (मैनपुरी), पं. सत्यनारायण तिवारी (औरैया), डॉ. प्रकाश द्विवेदी (अंबेडकर नगर), मो. हसीन 'नादान इटावी` (इटावा) के अलावा इलाहाबाद के पूर्व उत्तर प्रदेश महाधिव ता वीरेंद्र कुमार सिंह चौधरी, पत्रकार सुधांशु उपाध्याय और चिकित्सक डॉ. कृष्णा मुखर्जी को सारस्वत सम्मान देगी।
हिंदी साहित्य को नई दिशा देने वाले समालोचक डॉ. बच्चन सिंह का शनिवार को निधन हो गया। पक्षाघात से वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। ८९ वर्षीय बच्चन सदैव साहित्यकारों के प्रेरणाश्रोत रहे। उनके परिवार में दो पुत्र डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह और राजीव सिंह तथा दो पुत्रियां आशा सिंह और कुसुम सिंह हैं। हरिश्चंद्र घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। डॉ. बच्चन को वर्ष २००७ में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी पहली रचना 'क्रांतिकारी कवि निराला` से ही हिंदी साहित्य जगत में उनकी पहचान कायम हो गई। 'हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास` के जरिए उन्होंने हिंदी साहित्य को देखने की नई दृष्टि दी। जौनपुर और फिर बनारस में उन्होंने शिक्षा हासिल की। काशी में ही हिंदू इंटरमीडिएट कालेज से अध्यापन शुरू किया। बीएचयू के हिंदी विभाग और फिर वहां से हिमाचल प्रदेश विवि शिमला में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष तथा कुलपति का काम संभाला।
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